अनमोल ज्ञान
करोड़पति लोग इस तरह खुद को सफल बनाते है हर सुबह
कैसे बिताते है आप अपनी सुबह निर्धारित करता कि आपको कितनी सफलता मिलेगी और क्या बनेगें आप ।
आप अपनी सुबह कैसे बिताते हैं, निर्धारित करता है कि किसी चीज में आप सबसे श्रेष्ठ है भी या आप भी सब की तरह सधारण ही बने हुए हैं ।
आप अपनी सुबह कैसे बिताते हैं, निर्धारित करता है कि –
कैसा है आपका जीवन
कैसी है आपकी सोच
कैसी है आपकी रणनीती
कैसे चुनते है आप अपना करियर, अपने दोस्त और प्रेमी को
क्या है आपकी प्राथमिकता
कैसे आप अपने काम को सबके सामने प्रदर्शित कर उनको प्रभावित करते हैं ।
शुरुआत के दिनों में आपको समझ ही नहीं आएगा कि कितनी महत्तवपूर्ण है सुबह, लेकिन यह बहुत जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा । कुछ महीनों के अंदर ही आप अंत्तर महशुश करेगें, आपको सीखने की शक्ति का अनुभव होगा ।
ओलिवर वेंडेल होम्स के अनुसार ” एक मन का ज्ञान जो एक नए अनुभव से बड़ा है, वो कभी भी अपने पुराने आयामों पर नहीं जा सकता है ।”
अगर आप रोज सुबह जल्दी उठकर किताबें पढते है तो कुछ हफ्तों बाद जोफरी हॉलैंड की यह बात आपको जरुर स्पष्ठ हो जाएगी :
” मैं अक्सर क्षेत्र में मिशनरियों से कहता हुँ, आप अपने जीवन में हर सुबह कितनी बार अपने मिशन को बनाते और तोड़ते है । क्या आप मुझे बताएगें कि आपका समय कैसा बितता जब तब आप अपने मिशन के मार्ग पर चलते । वो समय चाहे जो भी हो, आप मुझे बताए कैसे गुजरते है वो घंटे और मैं आपको बताऊंगा कि आपका दिन कैसा बितेगा, मैं आपको बताऊंगा आपका महीना कैसा रहेगा, कैसा गुजरेगा आपका साल और मिशन और कैसा होगा आपका जीवन ।
आपना सुबह से आपना जीवन बना भी सकते हैं और बिगाड़ भी
रिचर्ड वॉटली के अनुसार ” सुबह एक घंटा खो दें, और अपना पूरा दिन उस समय को ही देखेगें ।”
अगर आप सुबह अपना एक घंटा खो देते हैं, और वो आपके लिए सिर्फ एक घंटा नहीं बल्कि एक मुल्यवान समय खो देते हैं । उस समय में आप वो कर सकते थे जिससे शायद आप विश्व की बड़ी उँचाईयों को छूँ सकते थे ।
अगर आप अपनी प्राथमिकताएँ निश्चित नहीं करते हैं, अपने सुबह के बढाते नहीं हैं, तो कही न कहीं आप खुद ही अपना नुकशान कर रहे हैं । आप कभी जान ही नहीं पाएंगे कि आपके पास क्या हो सकता है, और कितने और सफल हो सकते हैं । आप कभी अपने उस लक्ष्य को नहीं पाएंगे, जो संभव है लेकिन आपको अपने आराम के कारण असंभव लग रहा है । जितना आप पा सकते थे उससे कम ही संतुष्ट हो जाते हैं ।
मैं मनाती हूँ कि हमारा जीवन बहुत व्यस्त है । लेकिन अगर आप दिन सुबह 7 से शुरु करते हैं, तो आप पहले ही अपने के कुछ महत्तपूर्ण घंटे खो चुके हैं ।समय के साथ आप खुद को दुसरों से अलग करने का मौका भी, क्योंकि यहीं वो समय था जिसमें आप अपनी बुद्धिमता बड़ा सकते है, अपनी भावनाओं पर काबु करने का अभ्यास कर सकते थे ।
अगर आप सुबह का दिनचर्या नहीं करते, तो शायद हर रोज आपना कल दोहरा रहे हैं जिसके कारण आप जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए बहुत कम ही समर्थ होगें । रचनात्मकता और उत्पादकता के लिए बिना संसाधन के भी जीवन के सबसे बड़ी चुनौतियों और जोखिमों को उठाने की हिम्मत करो ।
ब्रिटिश फिलोश्फ्र एलेन डी बॉटन ने कहा था ” जो अपने बीते हुए साल से नखुश नहीम है, वो शायद आगे कुछ सीख ही नहीं पाया है ।”
आगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें सुबह की दिनचर्या पसंद नहीं तो आप खुद ही आपने पैरों पर कुल्हाडी मार रहे हैं, आप स्वंय ही अपनी कामयाबी में बाँधा बन रहे हैं । आप अपनी पुरानी पहचान और मानसिकता को ही लिए बैठे हो, जो आपको कुछ सीखने का मौका नहीं देगा ।
सुबह 5 से 7 के बीच आप करते क्या है ?
अगर आप खुद को रोज सुबह के 5-7 दो घंटे पढ़ने, सोचने, प्रर्थना करने, कुछ याद करने और अपना कुछ लिखने के लिए दे दें, तो आपका जीवन ही बदल सकता है ।
अब शायद आप सोचें मैं तो अपना काम समय पर ही कर लेता हूँ और रही बात कुछ पढ़ने कि उसके लिए हमने पहले ही अपना दिनचर्या है तो हमें सुबह सुबह उठ 5-7 कुछ करने की जरुरत नहीं हैं और न ही इससे कोई फर्क होगा । ऐसे लोगों को मैं बताना चाहूँगी कि ,फर्क पढता है । आपको आपके जीवन की नई ऊँचाईयां छूने में भूमिका निभाता है ।
जिस तरह से आप किसी भी चीज की शुरुआत कैसे करते है ये मायने रखता है, उसी तरह से आप सुबह की शुरुआत भी बहुत मायने रखती है ।
आपने जीवन में हम 4 तरह की चीजें और काम देखते है, जिसमें से कुछ बुरे होते है, कुछ ठीक , कुछ अच्छे और कुछ होते हैं श्रेष्ठ ।
सुबह का समय ही ऐसा होता जब हम शांती में अपने आप के साथ कुछ पल बिता सकते है और खुद को आम से खास बनाने की ओर काम कर सकते है । इस समय में कोई भी अच्छा काम करने के वजहें श्रेष्ठ काम की कोशिश करें ।
हम सभी के पास 24 घंटे है फिर चाहे बिल गेटस हो, अम्बानी या कोई आम इन्सान लेकिन सफल वहीं होता है जो अपने समय को अच्छे नहीं बल्कि श्रेष्ठ तरह से उपयोग करता है ।
राल्फ वाल्डो इमर्सन – ” अगर आप किसी दुर्लभ व्यक्ति से मिलते हैं, तो उससे जरुर पूँछे की वो कोन सी किताबें पढ़ता है ।
अगर आप खुद से अलग कुछ करना चाहते है तो सिर्फ किताबें ही नही बल्कि अच्छी किताबे पढ़ना अपनी प्राथमिकता बनाए क्योंकि आपने कितनी किताबे पढ़ी ये मायने नहीं रखता बल्कि उनकी गुणवानता रखती है । 1- 2 घंटे सिर्फ पढ़ने के साथ – साथ जो भी विचार आपके मन में आ रहे है, उनको जरुर लिखिए । पढ़ते समय यह भी जरुर सोचें कि उस विषय पर पहले हमारे क्या विचार थे और अब क्या है ।
आप सिर्फ सधारण तौर पर पढ़ते ही है या गहराईओं में जाकर उनके मतलब समझते है, क्योंकि आपका पढ़ने का तरीका भी बुहत कुछ कहता है ।
अगर आपकी प्राथमिकताएं नहीं बदली और वो आज भी वहीं है जो पहले थी, तो आप बीते सालों में कुछ ज्यादा खास नहीं सीखें हैं ।
जब आप अपनी विचारधारा में अंत्तर अनुभव करने लगे, तो रुके नहीं बल्कि अपनी लिखे विषय, विचार सबके साथ बांटे । आपने जो पढ़ा उसके आधार पर समाज में काम करें ।
यदि आप हर सुबह अच्छी किताबें पढ़ते है, अपने लक्ष्यों की कल्पना करते हैं. और अपनी डाइरी में अपने विचार लिखते है, तो आपके पास एक अद्भुत जीवन होगा ।
आप एक अत्यधिक रचनात्मक व्यक्ति और रणनीतिकार बनेंगे ।